Tuesday, June 14, 2016

तेरी बेवफाई का शिकवा करू तो

तेरा नाम जान-ए-वफ़ा है मगर तू बड़ी बेवफा है 
मेरी जान तुझ पर फ़िदा है मगर तू बड़ी बेवफा है 

तेरी बेवफाई का शिकवा करू तो 
ये मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी.. 
भरी बज़्म मे तुझको रुसवा करू तो 
ये मेरी शराफत की तौहीन होगी.. 
तेरी बेवफाई का शिकवा... 

ना महफ़िल मे होगी ना मेले मे होगी 
ये आपस की बाते अकेले मे होगी 
मै लोगो से तेरी शिकायत करू तो 
ये मेरी शिकायत की तौहीन होगी.. 
तेरी बेवफाई का शिकवा... 

सुना है तेरा और भी एक बालम है 
मगर गम ना कर तुझको मेरी कसम है 
तुझे बेशरम बेमुरव्वत कहू तो 
ये मेरी मुहब्बत की तौहीन होगी.. 
तेरी बेवफाई का शिकवा...

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